मेरा प्यारा छोटा भाई




loading...

मेरा नाम अर्पिता है मेरा छोटा भाई रविकेश दसवी में पढ़ता है। वह गोरा चिट्टा और क़रीब मेरे ही बराबर है और वह मुझे दीदी कहता है। मैं इस समय २२ की हूँ और वह १९ का। मुझे रविकेश के गुलाबी होंठ बहुत प्यारे लगते हैं, दिल करता है कि बस चबा लूँ। पापा राजगीर मिस्त्री है और माँ भी जॉब करती है | माँ कई बार जॉब की वजह से कहीं बाहर जाती रहती हैं उन दिनों मैं घर में बस हम दो भाई बहन ही रह जाते थे।
एक बार माँ तीन दिनों के लिए बाहर गई थी। रात को हमने डिनर के बाद कुछ देर टीवी देखा फिर अपने-अपने कमरे में सोने के लिए चले गये।
क़रीब एक घंटे बाद प्यास लगने की वजह से मेरी नींद खुल गई। बोतल देखी तो ख़ाली थी, मैं उठकर रसोई में पानी पीने गई तो लौटते समय देखा कि रविकेश के कमरे की लाइट जल रही थी और दरवाज़ा भी थोड़ा सा खुला था। मुझे लगा कि शायद वह लाइट ऑफ करना भूल गया है, मैं ही बंद कर देती हूँ। मैं चुपके से उसके कमरे में गई लेकिन अंदर का नज़ारा देखकर मैं हैरान हो गई।
रविकेश एक हाथ में कोई किताब पकड़कर पढ़ रहा था और दूसरे हाथ से अपने तने हुए लंड को पकड़कर मुट्ठ मार रहा था। मैं कभी सोच भी नहीं सकती थी कि इतना मासूम लगने वाला लड़का ऐसा भी कर सकता है। मैं दूर चुपचाप खड़ी उसकी हरकत देखती रही, लेकिन शायद उसे मेरी उपस्थिति का आभास हो गया, उसने मेरी तरफ़ मुँह फेरा और दरवाज़े पर मुझे खड़ा पाकर चौंक गया।
वह बस मुझे देखता रहा और कुछ भी ना बोल पाया। फिर उसने मुँह फ़ेर कर किताब तकिए के नीचे छुपा दी। मुझे भी समझ ना आया कि क्या करूँ। मेरे दिल में यह ख़्याल आया कि कल से यह लड़का मुझसे शरमायगा और बात करने से भी कतराएगा। घर में इसके अलावा और कोई है भी नहीं जिससे मेरा मन बहलता।
मुझे अपने दिन याद आए, मैं और मेरा एक कज़न इसी उमर के थे जबसे हमने मज़ा लेना शुरू किया था, तो इसमें कौन सी बड़ी बात हुई अगर यह मुट्ठ मार रहा था। मैं उसके पास गई और उसके कंधे पर हाथ रखकर उसके पास ही बैठ गई वह चुपचाप रहा। मैंने उसके कंधों को दबाते हुए कहा- अरे यार, अगर यही करना था, तो कम से कम दरवाज़ा बंद कर लिया होता। वह कुछ नहीं बोला, बस मुँह दूसरी तरफ़ किए रहा। आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | मैंने अपने हाथों से उसका मुँह अपनी तरफ़ किया और बोली- अभी से यह मज़ा लेना शुरू कर दिया? कोई बात नहीं, मैं जाती हूँ, तू अपना मज़ा पूरा कर ले। लेकिन ज़रा यह किताब तो दिखा।
मैंने तकिए के नीचे से किताब निकाल ली। वह हिंदी में लिखी मस्तराम की किताब थी। मेरा कज़न भी बहुत सी किताबें इसी लेखक की लाता था और हम दोनों ही मज़े लेने के लिए साथ-साथ पढ़ते थे। चुदाई के समय खानियों के डायलोग बोलकर एक दूसरे का जोश बढ़ाते थे।
जब मैं किताब उसे देकर बाहर जाने के लिए उठी तो वह पहली बार बोला- दीदी, सारा मज़ा तो आपने ख़राब कर दिया, अब क्या मज़ा करूँगा।
“अरे, अगर तूने दरवाज़ा बंद किया होता तो मैं आती ही नहीं !”
“अगर आपने देख लिया था तो चुपचाप चली जाती !”
अगर मैं बहस मैं जीतना चाहती तो आसानी से जीत जाती लेकिन मेरा वह कज़न क़रीब 6 महीने से नहीं आया था इसलिए मैं भी किसी से मज़ा लेना चाहती ही थी। रविकेश मेरा छोटा भाई था और बहुत ही सेक्सी लगता था इसलिए मैंने सोचा कि अगर घर मैं ही मज़ा मिल जाए तो बाहर जाने की क्या ज़रूरत। फिर रविकेश का लौड़ा अभी कुंवारा था। मैं कुंवारे लंड का मज़ा पहली बार लेती इसलिए मैंने कहा- चल अगर मैंने तेरा मज़ा ख़राब किया है तो मैं ही तेरा मज़ा वापस कर देती हूँ। आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | मैं पलंग पर बैठ गई और उसे चित्त लिटाया और उसके मुरझाए लंड को अपनी मुट्ठी में ले लिया। उसने बचने की कोशिश की पर मैंने लंड को पकड़ लिया था।
अब मेरे भाई को यक़ीन हो चुका था कि मैं उसका राज़ नहीं खोलूँगी इसलिए उसने अपनी टांगें खोल दी ताकि मैं उसका लंड ठीक से पकड़ सकूँ। मैंने उसके लंड को बहुत हिलाया, सहलाया लेकिन वह खड़ा ही नहीं हुआ।
वह बड़ी मायूसी के साथ बोला- देखा दीदी, अब खड़ा ही नहीं हो रहा है।
“अरे क्या बात करते हो ! अभी तुमने अपनी बहन का कमाल कहाँ देखा है, मैं अभी अपने प्यारे भाई का लंड खड़ा कर दूँगी।” ऐसा कह मैं भी उसकी बगल में ही लेट गई, मैं उसका लंड सहलाने लगी और उसे किताब पढ़ने को कहा।
“दीदी मुझे शर्म आती है ! आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | साले अपना लंड बहन के हाथ में देते शर्म नहीं आई?” मैंने ताना मारते हुए कहा- ला, मैं पढ़ती हूँ। और मैंने उसके हाथ से किताब ले ली। मैंने एक कहानी निकाली जिसमें भाई बहन के डायलोग थे और उससे कहा- मैं लड़की वाला बोलूँगी और तुम लड़के वाला।
मैंने पहले पढ़ा- अरे राजा, मेरी चूचियों का रस तो बहुत पी लिया, अब अपना बनाना शेक भी तो मुझे चखा !
“अभी लो रानी, पर मैं डरता हूँ इसलिए कि मेरा लंड बहुत बड़ा है तुम्हारी नाज़ुक कसी चूत में कैसे जाएगा।”
और इतना पढ़ कर हम दोनों ही मुस्करा दिए क्योंकि यहाँ हालत बिल्कुल उल्टे थे। मैं उसकी बड़ी बहन थी और मेरी चूत बड़ी थी और उसका लंड छोटा था। वह शरमा गया लेकिन थोड़ी सी पढ़ाई के बाद ही उसके लंड में जान भर गई और वह तन कर क़रीब 6 इंच का लंबा और 1.5 का मोटा हो गया।
मैंने उसके हाथ से किताब लेकर कहा- अब इस किताब की कोई ज़रूरत नहीं। देख, अब तेरा खड़ा हो गया है, तू बस दिल में सोच ले कि तू किसी की चोद रहा है और मैं तेरी मुट्ठ मार देती हूँ।
मैं अब उसके लंड की मुट्ठ मार रही थी और वह मज़ा ले रहा था, बीच बीच में सिसकारियाँ भी भरता था। एकाएक उसने अपने चूतड़ उठाकर लंड ऊपर की ओर ठेला और बोला- बस दीदी !
और उसके लंड ने गाढ़ा पानी फैंक दिया जो मेरी हथेली पर गिरा। मैं उसके लंड के रस को उसके लंड पर लगाती और उसी तरह सहलती रही और कहा- क्यों भाई, मज़ा आया?
“सच दीदी, बहुत मज़ा आया !
“अच्छा यह बता कि ख़्यालों में किसकी ले रहा था?”
“दीदी शर्म आती है, बाद मैं बताऊँगा !” इतना कह उसने तकिए में मुँह छुपा लिया।
“अच्छा चल अब सो जा, नींद अच्छी आएगी। और आगे से जब ये करना हो तो दरवाज़ा बंद कर लिया करना !”
“अब क्या करना दरवाज़ा बंद करके दीदी, तुमने तो सब देख ही लिया है !”
“चल शैतान कहीं का !” मैंने उसके गाल पर हल्की सी चपत मारी और उसके होंठों को चूमा। मैं और क़िस करना चाहती थी पर आगे के लिए छोड़ कर वापस अपने कमरे में आ गई।
अपनी शलवार कमीज़ उतार कर नाईटी पहनने लगी तो देखा कि मेरी कच्छी बुरी तरह भीगी हुई है रविकेश के लंड का पानी निकालते निकालते मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया था। अपना हाथ कच्छी में डालकर अपनी चूत सहलाने लगी तो स्पर्श पाकर मेरी चूत फिर से सिसकने लगी और मेरा पूरा हाथ गीला हो गया। चूत की आग बुझाने का कोई रास्ता नहीं था सिवा अपनी उंगली के। आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | मैं बेड़ पर लेट गई, रविकेश के लंड के साथ खेलने से मैं बहुत उत्तेजित थी और अपनी प्यास बुझाने के लिए अपनी बीच वाली उंगली जड़ तक चूत में डाल दी, तकिए को सीने से कसकर भींचा और जांघों के बीच दूसरा तकिया दबा आँखें बंद की और रविकेश के लंड को याद करके उंगली अंदर-बाहर करने लगी। इतनी मस्ती छा गई थी कि क्या बताऊँ, मन कर रहा था कि अभी जाकर रविकेश का लंड अपनी चूत में डलवा लूँ।
उंगली से चूत की प्यास और बढ़ गई इसलिए उंगली निकाल तकिए को चूत के ऊपर दबा औंधे मुँह लेटकर धक्के लगाने लगी। बहुत देर बाद चूत ने पानी छोड़ा और मैं वैसे ही सो गई।



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


bahbi 7 saly देवर codye kr लीhindi saxi khaniya babhi davar xxxhindi garvalo ki marji say chudai ki hot kahबहन बाऊ मां सेक्स HD.combathrum sax sasigawwala. choi. chodaHindi me chudai wali Kahani chahiye Hindi me Kahani chudai wali karne walihindi xxx sex story famly kahiyasex hindi 11warshhindi adlt storimom ne apni chut ka ras sab ko pilayaहिनदी सकसी काहनीxxx bus me aunty ko coda gorup mekhetmechodaikahaniसैकशि वैक वाली भाभीया पसंद है Paraye mard se chudi majboori maje meHindi biwi gair Ki baho me xxxporn jabardasti Chut Chudai Hindi video download salwar wali Dard Se chalane waliकहाणी लडकी चोदXxxSuhag raat chodai bhai se hindi kahniBhabhi ko Sharab Ke Din condom se Choda x**Sakse.kaneya.baap.bate.vedoschoti bahan ki chudai train me rat ko storyxxx hindi kahani phon sexy aunti phuddyxn hebi gand sex pronपति के बॉस से मेरी चुदाई रात भर स्टोरीSAKAX KAHANEYAसकसी चूदवाईnew kamukta adeo tag khaniyaold man hastmaithun sex kahani hindisavita bhabi ki kahanibhai ne apni sagi bahen ko coda belekmel karke xxx storeKAMUKTA hindi buaa batija free storyjabrjst chachi ki chudai hindisex.comxxx bai and maka sathxxx mujy jabrdasti teran ma coda kahnikamukta story (सलवारbeach per mumy ki adlabadli sex storybahu bhabhi jabardasti chudai ki hindi kahaniya with photos.comx videobhan aur bhaiki repnxxx ge ki kahani hindiदोस्त की माँ को चुदाई सर्दी मेंbap ne beti ki gandpr tel lagayaPhoto beta beti goa coot land hit xxxxxhindesixe.commera ghar randikhana ban gaya in hindi fontkamuktapariwar me chudai ke bhukhe or nange logbkri ki choot sexy khani xxx vi chachi ki chudae apne damad se full hdmeri sali divya ko hotal me chodaMAMA APNI BHANGI KI CHUT KESHA MERA TREAK IN HINDIदर्द हिलने गन्दी विडियोसाडी पे चोदाई हिन्दीxnxxpariwar me chudai ke bhukhe or nange logma ko chudwaya padoski aunty ne admisan ke liye parisipal se sex story hindi mehindesixe.comकुत्ता और लडकी सेक्स कहानीraj sharma family sex storiesमुशलिम माँ की चुदाईकहानीDidi ko figuring ka vdo बना कर chodamaharste ni gals hostel na sex videoबुआ को चुदा नंगा कर केकरूणा फूफू से जबरदसती सेकस कियाmami sote rep kiya bhanja cudaierotic sex kahaniya. chudayiki sex kahaniya com/hindi-fontkhala ne peshab pilya xxx sex storymaza aya devar xxx kahanixxx.com mama bhanji sax khaniबढिया चुची बुरक्यूट चची एंड भतीजा शेयर बैडरूम देसी क्सक्सक्सsex maa barsath hind storyvidhwa beti Ki Pyas bujhai x** storyचूत वाली भाभी की चूदाइ की सैक्सी कहानीpadosan ki malish kiwww xxxmaa batakasexi kothe me ladki sex hindi khaaniसेक्स कहानिया लंबी chudaiyaanभाभी के साथ सेकस सटोरी32प्लस हिंदी सेक्स कहानियां डॉट कॉमsaxe khane hindechot chudya na ko batab javni